महाविधालय में महिला दिवस पर आयोजन

सिरोही में राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना और महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में महिला दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अनुपमा साहा ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि महिला दिवस का आयोजन तभी सार्थक हो पायेगा जब छात्राएं अपने ज्ञान से विचारों से और कर्म से सामाजिक स्थितियों को बदलने का प्रयास करेगी, उन्होंने इस दिवस की ऐतिहासिकता पर बातचीत करते हुए कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर यह दिन महिला दिवस के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे पितृसतात्मक व्यवस्था को बदलने की आवश्यकता है तभी समस्याओं का समाधान हो सकता है। छात्राओं से आह्वान किया कि वे आधुनिक परिदृश्य में, मीडिया में चित्रित्त स्त्री की बाह्य सौन्दर्य को ही आधुनिक छवि को देखने की अपेक्षा कर्म एवं दृढ़ संकल्प से अपने व्यक्तित्व निर्माण करने वाली महिलाओं से प्रेरित होकर जीवन को निर्मित करें। आधुनिकता के मायने वैचारिक बदलाव से है विचारों से आधुनिक होकर नये समाज के स्वप्नों को साकार करना हमारा दायित्व है। इस कार्यक्रम में छात्राओं ने काव्यपाठ की प्रस्तुति की और महिलाओं से जुड़े हुए विषयों पर कविताएं प्रस्तुत की। कविता चौधरी, द्वितीय वर्ष कला, डॉली ओझा, तृतीय वर्ष कला, भव्या बाफना, प्रथम वर्ष कला, मन्नु रेबारी, द्वितीय वर्ष कला, सपना माली, इन्दरा सुथार, अंजना राजपुरोहित, अंजली कंसारा, द्वितीय वर्ष कला एवं दिव्यांशी प्रजापत, प्रियंका खत्री ने कविताएं एवं अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन डॉली ओझा एवं भव्या बाफना ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डॉ. रीना श्रीवास्तव, श्री ओमदत्त परेवा, श्री खेमराज चौधरी एवं महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. शारदा भण्डारी, डॉ. संध्या दुबे, डॉ. हेमलता मेहता, डॉ. शची सिंह एवं श्रीमती रेणुका उपस्थित रही।

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